विकासखण्ड
चकराता
जौनसार-बावर क्षेत्र का उच्च पर्वतीय जनजातीय विकासखण्ड, जहाँ जंगली जानवरों से फसल नुकसान बड़ी चुनौती है। यहाँ गतिविधियाँ सोलर फेंसिंग एवं स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका पर केंद्रित हैं।
परियोजना पाँच पर्वतीय जनपदों के छह विकासखण्डों में स्थानीय प्रशासन एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ कार्यरत है।
विकासखण्ड
जौनसार-बावर क्षेत्र का उच्च पर्वतीय जनजातीय विकासखण्ड, जहाँ जंगली जानवरों से फसल नुकसान बड़ी चुनौती है। यहाँ गतिविधियाँ सोलर फेंसिंग एवं स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका पर केंद्रित हैं।
विकासखण्ड
यमुना-टौंस घाटी में स्थित कालसी विकासखण्ड में परियोजना का पहला मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण तथा पजितिलानी गाँव में पाँच दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण एवं व्यवसाय प्रशिक्षण आयोजित हुआ।
विकासखण्ड
टिहरी गढ़वाल का विकासखण्ड जहाँ देवली एवं आसपास के गाँवों की महिलाओं को मशरूम उत्पादन, उद्यम विकास एवं सौर ऊर्जा उपकरणों का प्रशिक्षण दिया गया।
विकासखण्ड
पौड़ी गढ़वाल का विकासखण्ड जहाँ किमसार में राधा कृष्ण ग्राम संगठन जैसे ग्राम संगठनों के साथ स्थानीय उत्पादों एवं बाज़ार संपर्क पर कार्य किया जा रहा है।
विकासखण्ड
कोसी घाटी में स्थित नैनीताल का विकासखण्ड, जहाँ स्वयं सहायता समूह हल्दी, राजमा आदि पहाड़ी उत्पाद तैयार करते हैं तथा मौजूदा सौर संयंत्रों का अध्ययन किया गया।
विकासखण्ड
कुमाऊँ की ऐपण लोक कला के लिए प्रसिद्ध अल्मोड़ा का विकासखण्ड। यहाँ पाँच दिवसीय ऐपण कला कार्यशाला एवं बेकरी व व्यवसाय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।